खाले बाजरे की रोटी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

खाले बाजरे की रोटी हनुमान,

तू चूरमे न भूल जावेलो॥

जाटनी के हाथ की बनी है कमाल की,

सागे ल्यायो हांडी में कड़ी और दाल की.॥

गुड मिठो- मिठो रे हनुमान,

चूरमे ने भूल जावेलो ....

राम ने खिलाइयो माता सीता ने खिलाइयो..

थे भी खाइयो और लक्ष्मण ने जीमइयो॥

लक्ष्मण जी करे फरियाद तु,

चूरमे ने भूल जावेलो ....

बनवारी रोट ईसा ढुढंतो रवेगो...

हरियाणे मे पतो मेरो पूछतो रवेगो॥

पूछतो रवेगो मेरो नाम,

चूरमे ने भूल जावेलो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।