खाटू वाले के भवन में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले के भवन में सज्जनो हो रही जय जैकार

मेरे बाबा के भवन में सज्जनो हो रही जय जैकार

हो रही जय जैकार बहन में हो रही जय जैकार

खाटू वाले के भवन में......................

फागुन के महीने में तेरा मेला भरे अपार

दूर दूर से आवे यात्री आवे नर और नार

खाटू वाले के भवन में...................

तेरे नाम की अद्भुत माया जाने सब संसार

आज हमें भी दर्श दिखा के कर दो भाव से पार

खाटू वाले के भवन में...................

कितने ही भक्त उबारे तूने असुरो को दिया मार

तेरे रूप के दर्शन करने आया तेरे द्वार

खाटू वाले के भवन में...............

जाग्रति मंडल के सपनो को कर दे अब साकार

हरी किशन शर्मा का बाबा कर दे बेडा पार

खाटू वाले के भवन में...................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।