तुलसी महारानी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब रोग दोस मिट जाते है न कोई विपता आती है

जिस घर के आंगन में रेहती तुलसी महारानी है,

तुलसी महारानी नमो नमो विष्णु पट रानी नमो नमो

ना कमी रहे वहा कभी कोई खुशियाँ दिन रात बरसती है

कोई वक़्त दोषवा रहे नही बगियाँ वो हर पल खिलती है

जब तुलसी के निष् दिन प्यारी ज्योत जगाई जाती है

जिस घर के आंगन में रेहती तुलसी महारानी है,

तुलसी महारानी नमो नमो विष्णु पट रानी नमो नमो

याहा शालिग्राम के संग तुलसी अन धन के रहे भंडार भरे

रहे उच्च कोटि के देव सदा उस घर के ऊपर किरपा करे

पितरो का आशीर्वाद मिले याहा तुलसी सेवा की जाती है

जिस घर के आंगन में रेहती तुलसी महारानी है,

तुलसी महारानी नमो नमो विष्णु पट रानी नमो नमो

तुलसी मैया की किरपा से मिलता मान और समान सदा

जो करे प्रीत तुलसी माँ से देती है गुण और ज्ञान सदा

तुलसी सेवा सब से उची सारी बत लाती है

जिस घर के आंगन में रेहती तुलसी महारानी है,

तुलसी महारानी नमो नमो विष्णु पट रानी नमो नमो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।