पाहाड जन्म मेरो क्या भल लागैंछ कुमाँऊनी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पाहाड जन्म मेरो क्या भल लागैंछ.

वारी बजार पारी बजार.

बीच मैं शिवज्यू को मंदिर क्या भल लागैंछ.

पाहाड जन्म मेरो क्या भल लागैंछ.

वारी भारत पारी नेपाल.

बीच मै काली गोरी मिलन क्या भल लागैंछ.

पाहाड जन्म मेरो क्या भल लागैंछ.

तेली बालेश्वर मेली कालीनाग.

बीच मै कोटगाडी मंदिर क्या भल लागैंछ.

पाहाड जन्म मेरो क्या भल लागैंछ.

सुरेश पाठक

जय माँ भगवती

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।