माँ का सिंगार देख दिल दीवाना हो गया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दिल दीवाना हो गया मेरा,दिल दीवाना हो गया

देख कर सिंगार मां का,दिल दीवाना हो गया

दिल दीवाना हो गया,मेरा दिल दीवाना हो गया

चांद से मुखड़े पे मां के,लाल बिंदिया है लगी,

नैनो में कजरा है डाला दिल दीवाना हो गया।

देखकर सिंगार मां का........

सर पर गोटेदार चुनरी,चांद तारों से सजी,

नौलखा यह हार प्यारा दिल दीवाना हो गया।

देखकर सिंगार मां का........

हाथ में सोने के कंगन,लाल चूड़ी साथ है

जिसपे है मेहंदी की लाली दिल दीवाना हो गया

देख कर सिंगार मां का........

पैरों में पायल के घुंघरू,छम छमा छम छम बजे

मन लुभाये तो कहूं मैं दिल दीवाना हो गया

देख कर सिंगार मां का दिल दीवाना हो गया

दिल दीवाना हो गया मेरा दिल दीवाना हो गया

देख कर सिंगार मां का दिल दीवाना हो गया

Singer SACHIN NIGAM BARABANKI टिकैतनगर

BHAJAN WRITER PANKAJ NIGAM GONDA

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।