अब तो तेरा भरोसा है गुरु जी तेरा सहारा है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अब तो तेरा भरोसा है गुरु जी तेरा सहारा है,

मेरी नैया ढोल रही अब तुही किनारा है

अब तो तेरा भरोसा है गुरु जी तेरा सहारा है,

तुमसे बड़ा न कोई दाता तुम ही पिता हो तुम ही माता

तेरी रहमत से हो होता अब मेरा गुजारा है

अब तो तेरा भरोसा है गुरु जी तेरा सहारा है,

ये दुनिया है आनी जानी चार दिनों की जिंदगानी

फिर सिवा मेरे सतगुरु न कोई हमारा है

अब तो तेरा भरोसा है गुरु जी तेरा सहारा है,

तेरा करिश्मा मानते है सब

हम सब का अब तू ही है रब

हम सब गुरु भगतो का ये सेवक सितारा है

अब तो तेरा भरोसा है गुरु जी तेरा सहारा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।