क्या ये तुमको पता है ओ बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्या ये तुमको पता है ओ बाबा

कितनी ग़म गीन ये शब् हुई है

तुमसे मिलने की चाह में आँखें

आंसुओं से लबालब हुई हैं

क्या ये तुमको पता है.....................

ऐसी कोई भी ग्यारस नहीं थी

जिसपे मैं तुमसे मिलने ना आया

एक तो पहरा है पाबंदियों का

दूजा यादो ने बहुत रुलाया

याद आती है खाटू की गलियां

हमसे जो जुदा अब हुई हैं

तुमसे मिलने की चाह में आँखें

आंसुओं से लबालब हुई हैं

क्या ये तुमको पता है.....................

कितने दिन वो हसी होते थे जब आते थे दर्शनों को

आज रोता है ये दिल अकेला ढूंढे कीर्तन भरी महफिलों को

न वो कीर्तन है ना हैं वो प्रेमी रात वीरान सी सब हुई हियँ

तुमसे मिलने की चाह में आँखें

आंसुओं से लबालब हुई हैं

क्या ये तुमको पता है.....................

करदो रहमो करम खाटू वाले अपनी मोरछड़ी लेहराओ

अपने बिछड़े हुए प्रेमियों को अपने चरणों में फिर से बुलाओ

मिठे सतविंदर ये दूरी मेरी तुमसे मेरे रब हुई है

तुमसे मिलने की चाह में आँखें

आंसुओं से लबालब हुई हैं

क्या ये तुमको पता है.....................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।