कब सुध लोगे नन्दलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कब सुध लोगे नन्दलाल, बता दो भक्तों को ll

हम कब से तेरी राह खड़े, दर्शन की लेकर चाह खड़े ll

कब रीझोगे, गोपाल, बता दो भक्तों को l

कब सुध लोगे नन्दलाल, बता दो भक्तों को ll

हम पूछें धीर बंधईया से, गोकुल के कृष्ण कन्हईया से ll

कब करोगे, हमको निहाल, बता दो भक्तों को l

कब सुध लोगे नन्दलाल, बता दो भक्तों को ll

राहों से कांटे कौन चुने, गर तुम न सुनो तो कौन सुने ll

हम किसे, सुनाएँ हाल, बता दो भक्तों को l

कब सुध लोगे नन्दलाल, बता दो भक्तों को ll

हम भक्तों की एक अरदासा, कर लो मन मंदिर में वासा ll

हम चाहें, न धन माल, बता दो भक्तों को l

कब सुध लोगे नन्दलाल, बता दो भक्तों को ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।