कन्हैया बस मेरा एक काम हो जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी अर्ज़ सुनो, मेरे साँवरे,

मेरे काटो, सारे फंद l

श्री बांके बिहारी, आपको,

श्री राधे की, सौगंध

कन्हैया बस मेरा, एक काम हो जाए ,

बांके बस मेरा, एक काम हो जाए ,

तेरे दीवानो में,,,, हे श्याम ,

कि तेरे भक्तों में,,,, मोहन ,

तेरे दीवानो में, मेरा भी नाम हो जाए,

कन्हैया बस मेरा, एक काम हो जाए ,

बांके बस मेरा, एक काम हो जाए ,

मुझको न मिले, श्याम जी, संसार की माया ,

मुझको तो मिले आपके, दरबार की छाया ,

कन्हैया बस मेरा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

श्री राधे श्री राधे, राधे, श्री कृष्णा ,

घनश्याम आप से, न मैं यह, संसार मांगता,

मैं तुमको, मांगता हूँ तुम्हारा, प्यार मांगता,

एक नज़र में दिल चुराना श्याम आता है तुम्हे,

भक्तों को अपना बनाना श्याम आता है तुम्हे,,,

घनश्याम आप से, न मैं यह, संसार मांगता,

मैं तुमको, मांगता हूँ तुम्हारा, प्यार मांगता ,

तेरी पनाहों में,,,,, गिरधर

तेरी निगाहों में,,,,, गिरधर

तेरी पनाहों में मुझको, आराम हो जाए,

कन्हैया बस मेरा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

श्री राधे जय कृष्णा, जय जय वृन्दावन ,

*तेरी जय हो रसिक बिहारी, जय हो गोपीचंद,

श्री राधे जय कृष्णा, जय जय वृन्दावन ,

ठाकुर जी के, नाम का, भजन करूँ दिन रात,

तभी तो श्री, वृजराज जी, मेरे सर पे रखेंगे हाथ,

तुमसे है गुज़ारिश मेरी, पतवार थाम लो ,

अरे हो जाऊँगा उस, पार जो, एक वार थाम ले,

कबूल चरणों में,,,, गिरधर

कबूल चरणों में मेरा, सलाम हो जाए,

कन्हैया बस मेरा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।