॥ पावन पाठ ॥
मैं तो हुआ दीवाना रे राम जी के चरणों में
राम जी के चरणों में हनुमान जी के चरणों में
ढूंड ले ठिकाना रे राम जी के चरणों में
जय सिया राम जय जय सिया राम ,
मैं तो हुआ दीवाना रे राम जी के चरणों में
बाबा तू दाता मैं भिखारी तेरा तेरे सामने क्या औकात मेरी
तुझसे मांग के खाना औकात मेरी
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय हनुमान
हमे अपनी शरण में रख लो ना
मेरी नैया पार लगा देना
नैया राजू की पार लगा देना
हमें अपनी शरण में रखलो राम
रामजी के चरणों में सदा को झुकाना रे
राम ही के चरणों में हनुमान जी के चरणों में,
ढूंड ले ठिकाना रे राम जी के चरणों में
मैं तो हुआ दीवाना रे राम जी के चरणों में