खोल भवन दे द्वार

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

खोल भवन दे द्वार नी माये खोल भवन दे द्वार

दुरो दुरो संगता आइया करन लई दीदार माँ

खोल भवन दे द्वार नी माये खोल भवन दे द्वार

चारो वेद तेरा गुण गाउंदे ब्रह्मा विष्णु ध्यान लगानदे

भोले शम्भु डमरू ब्जौंदे करदे जय जय कार नि माये

खोल भवन दे द्वार नी माये खोल भवन दे द्वार

मैं सुनेया तेरे दर जो आंदा शरधा नाल तेनु ध्यौंदा,

मुहो मंगीया मुरादा पाउंदा हुंदा जग तो पार नि माये

खोल भवन दे द्वार नी माये खोल भवन दे द्वार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।