आ गई संतोषी माँ दर्शन कर जाओ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आ गई संतोषी माँ दर्शन कर जाओ

दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ

आ गई संतोषी माँ ..................

लाल पर्वत पहाड़ के माँ ने अपना रूप दिखाया

कलयुग में अवतार लिया नव दुर्गा रूप बनाया

माँ ने तुम्हे बुलाया है मन प्रसन्न कर जाओ

दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ

आ गई संतोषी माँ ..................

लाल सागर का पानी माँ के चरणों को धोता है

जो इस में स्नान करे कष्टों को वो धो देता है

मार लो गोता तुम चरणों में स्पर्श कर जाओ

दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ

आ गई संतोषी माँ ..................

पानी का एक कुंड है जिसमे बेहतरी अमृत धरा

जो पानी को पी ले उनके मन का मेल धुले सारा

आ बिन कटे न संकट थारो भ्रमण कर आओ

दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ

आ गई संतोषी माँ ..................

निर्धन को धन देती माता भरे पेट भूखों का

आनंद मौज की दाती माता भंडारा सुखों का

तुम भी अपने दुखों का बस वर्णन कर जाओ

दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ

आ गई संतोषी माँ ..................

रणबीर सिंह ने देखा माँ का जोधपुर में धाम

बिमला जी के माध्यम से पूरण होते काम

माँ के नाम पे सुबह शाम सब अर्पण कर जाओ

दर्शन कर जाओ रे भक्तों दर्शन कर जाओ

आ गई संतोषी माँ ..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।