चला चली चंदीपुर नगरिया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चला चली चंदीपुर नगरिया याहा दुर्गा माई की मंदरियां ना

चंदीपुर नगरिया दुर्गा माई की मंदरियां

सखी चला चली चंदीपुर नगरिया याहा दुर्गा माई की मंदरियां

कोरा उर बजरिया से भगत सब आये

कांधारपुर वाली आ के मथवा झुकावे

याहा गूंजे ला माई की जय जय करियां सखी हो चला चंदी पुर नगरियाँ ना

कोड़े मकुन पुर से चली भगत टोली

किशन गंज वाले बोले जय माता की बोली

कहे लगे ला सरल गगरियाँ सखी हो चला चंदी पुर नगरियाँ ना

चिल बिला बजरिया से भगतन के विरियाँ

प्रतापगड आवेला भर भर के गाड़ियाँ

अरुण देविंदर गावे ले भजनिया सखी हो चला चंदी पुर नगरियाँ ना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।