राम जी की बूटी

-रवि शर्मा (श्रीगंगानगर)(7062534590)
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हनुमत ओ राम जी की बूटी

राम जी की बूंटी पीलादे एक घुंटी,

हनुमत ओ पीलादे एक घुंटी

सिया राम का जाप करूंगी,

जाप करूँगी मैं तो जाप करुंगी

पिकै हो राम जी की घुंटी

खीर चूरमे का भोग करूंगी,

भोग करूंगी तेरा रोट करूंगी,

पिकै हो राम जी की घुंटी

मैं तो थारी शरण रहूंगी,

शरण रहूंगी मैं तो शरण रहूंगी,

पिकै हो राम जी की घुंटी

लिखे रवि के भजन करूँगी,

भजन करूँगी तेरे भजन करूँगी,

पिकै हो राम जी की घूंटी

जय श्री बालाजी

जय श्री राम

लेखक:-रवि शर्मा (श्रीगंगानगर)(7062534590)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।