जब तक सूरज चाँद चांदनी रहे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जब तक सूरज चाँद चांदनी रहे,

मेरे सजना तेरी जिंदगानी रहे

मैया ओ मेरी मैया

मांग अपने सिंदूर सजा कर आई हु माँ मैं तेरे द्वार पर

दुःख रहे न कभी सुख मिल जाए सभी

बिंदिया मेरी ही सदा निशानी रहे

मैया ओ मेरी मैया

मेरे जीवन की डूबे न नैया,

थाम लो हाथ तुम हो खैवैयाँ,

कर दो भव से माँ पार मेरा जीवन सवार

तेरी बेटी पे माँ मेहरबानी रहे

मैया ओ मेरी मैया

साथ जन्मो का हो ये माँ बंधन

मेहके जीवन भर बन के ये चन्दन,

मेरी सुन लो पुकार पूनम को दो माँ प्यार

राजू लिखता माँ तेरी कहानी रहे

मैया ओ मेरी मैया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।