आ गए हो अगर श्याम इस मोड़ पर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ गए हो अगर श्याम इस मोड़ पर

हमसे मिलने मिलाने का वादा करो

आ गए हो तो जाने की जिद ना करो

जा रहे हो तो आने का वादा करो

मोह दुनिया के चाहे हो जितने हंसी

श्याम तेरे बिना चैन मुझको नहीं

श्याम बिनती ना मेरी भुलाना कभी

आज सपनों में आने का वादा करो

आ गए हो अगर श्याम.........

आस दर्शन की लेकर मैं कब से खड़ी

श्याम आंखों से लागे सावन की झड़ी

सोच ले श्याम सावन की रुत आ गई

हमको झूला झूलाने का वादा करो

आ गए हो अगर श्याम...........

श्याम मिलने की आस लेकर सोई थी मैं

श्याम ख्वाबों में तेरे ही खोई थी मैं

दर्द बन के जो दिल में समाए मेरे

अब निकल के ना जाने का वादा करो

आ गए हो अगर श्याम............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।