मैं क्या जानू राम तेरा गोरख धंदा

संत कबीर
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मैं क्या जानू राम तेरा गोरख धंदा

गोरख धंदा गोरख धंदा राम

मैं क्या जानू राम तेरा गोरख धंदा

धरती और आकाश बीच में सूरज तारे चंदा

हवा बादलो बीच में वर्षा दामिनी गंगा राम

मैं क्या जानू राम तेरा गोरख धंदा

इक चला ये जग से चार देते है कन्धा

मिली किसी को आग किसी को मिला है फंदा राम

मैं क्या जानू राम तेरा गोरख धंदा

कोई पढ़ता गिर नर्ख कोई सुरगु सन्धा,

क्या होनी क्या अन होनी नही जाने बन्दा राम

मैं क्या जानू राम तेरा गोरख धंदा

कहे कबीर परगट माया फिर भी नर अँधा

सब के गले में डाल दिया ते मोह का फंदा राम

मैं क्या जानू राम तेरा गोरख धंदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।