मंदिर खोलो बाबा थारो म्हे दिदार करस्या

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दोहा... बाटड़ल्या थारी जोवती म्हारी आंखड़ल्या दिन रात

भक्ता उडिक साँवरा तो कोई करल्या मनड़ारी बात

मंदिर खोलो बाबा मंदिर खोलो बाबा

थारो म्हे दिदार करस्या मंदिर खोलो बाबा

थार मंदिरय म बाता थास्यु चार करस्या

मंदिर खोलो बाबा..........

बाबा थारी ओळ्यु घणी आव..

पागल मन न कुण समझाव...

दरश करया बिन निंद न आव..

आंखड़ल्या म्हारी भर भर आव

खाटूधाम म, खाटूधाम म बुलाल थाकी सेवा करस्या

खाटूधाम... थार मंदिरय म बाता थास्यु चार करस्या

मंदिर खोलो बाबा..........

इण संकट स्यू सब न बचाओ

भक्ता रा थे कष्ट मिटाओ

रजनी थारी प्रेम पुजारन

सेवा म थारी हर पल हाजिर बाबा चाकरी

बाबा चाकरी... लगाले थार दासी बंणस्या

बाबा चाकरी.थार मंदिरय म बाता थास्यु चार करस्या.....

थार मंदिरय म बाता थास्यु चार करस्या

मंदिर खोलो बाबा........

सिंगर... संतोष शर्मा गौहाटी

लिरिक्स... रजनी गुप्ता कोलकत्ता

विशेष सहयोग... नवरत्न पारीक 9887140192

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।