तब तक रेहना तू मेरे पास पास

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब जब चलती रहे मेरी सास

तब तक रेहना तू मेरे आस पास,

जब जब चलती रहे मेरी सास

बाबुल तू है मेरा लाडो मैं हु तेरी

जब से मुझपर तेरी नजर पड़ी है

तब से मुसीबत घर से दूर खड़ी है

तेरी नजर पड़ी है मुसीबत दूर खड़ी है

तू ही तू है बस मेरा विस्वाश

तब तक रेहना तू मेरे आस पास,

हर जन्मो में बाबा तेरी बेटी कहलाऊ

कशु ना ही चाहू तेरी शरण मैं पाऊ

बुजती रहे इन नैनो की प्यास

तब तक रेहना तू मेरे पास पास,

सिर पे हाथ धरो वादा करो जन्मो जन्म का,

तोड़े से न टूटे है ऐसा रिश्ता हो धर्म का

जब जब दुःख मेरा मैंने तुमको सुनाया

कहे गबराए मैं हु संग में तुमने समजाया,

मैंने तुझको सुनाया संग में तुझको पाया

पग पग श्याम को होता एहसास

तब तक रेहना तू मेरे पास पास,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।