लागी रे लगन ओ मां एक तेरे नाम की

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

लागी रे लगन ओ मां एक तेरे नाम की

एक तेरे नाम की माँ एक तेरे नाम की

लागी रे लगन ओ मां

भव सागर में भटकी भटकी थकी सी वो आत्मा

ज्ञान का दीप जला दो मिले परमात्मा

पाई रे शरण तेरी किरपा श्री राम की

लागी रे लगन ओ मां

गीत तेरा गाये बिना भगती नही जागती

दिल में वसाए बिना शक्ति नही जागती

भगवती कहू के अम्बा जुदाई है नाम की

लागी रे लगन ओ मां

मन का सारा मेल धो कर निर्मल मन कीजिये

निर्मल बना कर मन को सध भुधि दीजिये

अब न सताए हे माँ चिंता धन धाम की

लागी रे लगन ओ मां

ले चल हमे तू हे माँ याहा तेरा वास हो

सब कुछ दिखाई दे माँ इतना परकाश हो

अंतिम अभिलाषा है माँ पूर्ण विराम की

लागी रे लगन ओ मां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।