मेरी राधा रानी यमुना किनारा झूले आज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी राधा रानी यमुना किनारा झूले आज

संग बांके बिहारी यमुना किनारे झूले आज

लेहर लेहर यमुना लेहरावे सखियाँ सारी मंगल गावे,

ग्वाल बाल सब मगन बयो है मुरली बजावे ब्रिज राज

मेरी राधा रानी यमुना किनारा झूले आज

प्यारी प्यारी राधा रानी

करुनामई जग की महारानी,

शरण में इनके जो आ जावे बनते बिगड़े काज

मेरी राधा रानी यमुना किनारा झूले आज

नैनं में ये छवि पसारो राधे श्याम सनेह लगा लो

गोरव संग गोविन्द गुण गा लो सफल हो जीवन आज

मेरी राधा रानी यमुना किनारा झूले आज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।