प्रबु प्रेम बनिए रखना चरणों से लगाये रखना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रबु प्रेम बनिए रखना चरणों से लगाये रखना॥

इक आस तुम्हारी है, विशवाश बनाये रखना॥

निर्बल के बल हो तुम हारे के साथी,

हर दीपक मे तेरी ही बाती,

तेरा उजाला है रोशन जग सारा है,

प्रबु प्रेम बनिए रखना चरणों से लगाये रखना

प्रबु प्रेम बनिए रखना .......

प्रेम का भूखा सारा जहा है,

तुज बिन सांचा प्रेम कहा है,

तू प्रेम कथाकुर है तू प्रेम पुराजी है॥

जितना तू लुटा रहा तेरी दात्री है

प्रबु प्रेम बनिए रखना .......

चरण शरण में मुजको निबाना ॥

प्रभु बस अपना तुमको ही माना

शक्ति का दाता तू भगती का दाता तू,॥

राजू इतना मने मेरा भाग्यबिदाता तू

प्रबु प्रेम बनिए रखना .......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।