करो माँ बाप की सेवा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

करो माँ बाप की सेवा है

ये सब से बड़ी पूजा नही

इनसे बड़ा जग में कोई देवता दूजा

करो माँ बाप की सेवा है

पिता माता की आशीष है हर इक वरदान से बड कर,

सुबह नित नेम से उठ कर धरो इनके चरणों में सिर

तुम्हारा होगा सिर उचा

करो माँ बाप की सेवा है

पिता माता की आगेया का करो हर हाल में पालन

इन्हें जीवन करो अर्पण कहाओ गे तभी श्रवण कभी भूलो न ये शिक्षा

करो माँ बाप की सेवा है

हमे जीवन दिया माँ ने पिता ने प्यार से पाला,

नही केहना कभी टाला सभी कष्टों की खुद ज्वाला,

हमारा हित सदा सोचा

करो माँ बाप की सेवा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।