खाटू की गलियों में घुमे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू की गलियों में घुमे सांवलियो सरकार

ग्यारस के कीर्तन में जागे बाबो सारी रात

पी का काम बनावे है

सांचे मन से जो बाबा ने भजन सुनावे है,

जो जो ग्यारस बीती जावे खाटू नगरी सजती जावे

श्याम भगत के इक दो जैसे हॉवे मुलाक़ात,

ग्यारस के कीर्तन में जागे बाबो सारी रात

कीर्तन में जो भी रम जावे दुखडा सगला ही कट जावे,

कौन जाने के पर हो जावे किरपा की बरसात

ग्यारस के कीर्तन में जागे बाबो सारी रात

मंगला में सब मंगल हॉवे,

पाछा जाता सगला रोवे

घडी जुदाई के जद आवे मंनडो हॉवे उदास

लाड़ो बोले सागे चालो गाल गले में बात,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।