सुनो सिया मेरी बात राम फुलवरिया आए हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनो सिया मेरी बात राम फुलवरिया आए हैं

राम फुलवरिया आए हैं जनक की फुलवरिया आए हैं

कौन बरन है कौन भेष है काहे के तिलक लगाए हैं

श्याम वर्ण है कुंवर भेष है केसर के तिलक लगाए हैं

कौन देश से कौन वंश से कौन के राज दुलारे हैं

अवध देश से सूर्यवंश से दशरथ के राज दुलारे हैं

कौन कू मारे कौन उद्दारे कौन को यज्ञ कराए हैं

ताड़का मारे अहिल्या उद्गारे विश्वामित्र के यज्ञ कराए हैं

कौन के प्यारे नयन दुलारे कौन के मन ये भाए है

कौशल्या के प्यारे नयन दुलारे सिया के मन ये भाए है

Create Lyric, Neelam Agrawal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।