नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम जी के नाम का पी कर प्याला,

नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला

बजरंग बाला बजरंग बाला

पाओ के घुंगरू छन छन छनकते

कानो के कुंडल लच लच लचकते,

राम जी के नाम का ओड दुशाला

नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला

कभी मारे ढुमका कमरिया हिला के,

कभी मारे ठुमका नजरियाँ मिला के,

लिए हाथ अपने में सोटा निराला,

नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला

कभी दोनों हाथो से चुटकी बजाते,

कभी राम जी का जय कारा लगाते,

भजा रहे मजीरा और खडताला

नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला

जो देखे छवि को वो देखत रह जाए,

बात हकीकत अनाडी बताये

गाये मुकेश पानीपत वाला

नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।