साँवरिया मन्ने चाकर रख लो अपने द्वार का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँवरिया मन्ने चाकर रख लो अपने द्वार का

हुकुम बजाऊँ मे सरकार का

साँवरिया मन्ने चाकर रख लो अपने द्वार का

गंगा जल स्नान कराऊ

केसर चंदन तिलक लगाऊ

बागा पहनाऊ रेशमदार का

साँवरिया मन्ने चाकर रखलो..............

बाग बाग से कलिया लाऊ

नित नित बाबा तुझे सजाऊ

माला पहनाऊ मोतीनहार का

साँवरिया मन्ने चाकर रखलो.............

खीर चुरमो भोग लगाऊ

प्रेम भाव से तुम्हें जिमाऊ

चंवर ढुराऊ मे सरकार का

साँवरिया मन्ने चाकर रखलो...........

अपना चाकर जान के बाबा

मुझको अपना मान के बाबा

मोती बनालें अपने हार का

साँवरिया मन्ने चाकर रखलो...........

भजन:- गायक गणेश राजपूत

संपर्क:- 9009204035, 7999629343

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।