साडे घर आजा अमिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साडे घर साडे घर आजा अमिए जगन रचाया फेरा पाजा अमिए

रेहमता दा मीह बरसाजा अमिए

साडे घर साडे घर आजा अमिए जगन रचाया फेरा पाजा अमिए

रीजा नाल असी बुलाया आंबे रानिये,

शेरावाली इक बारी आवे फिर जानीये

भगता दी आस पूजा जा अमिए

साडे घर साडे घर आजा अमिए जगन रचाया फेरा पाजा अमिए

लाया ऐ भंडारा अज मैया तेरे नाम दा,

भवन सजाया देखो किना सोहना श्याम दा,

नूरी मुख अपना दिखा जा अमिए

साडे घर साडे घर आजा अमिए जगन रचाया फेरा पाजा अमिए

ज्योत जगाई तेरी धुफ़ थूखाई है,

सिर उते घोटे वाली चुनरी सजाई ऐ,

फल मेवे भोग लगा जा अमिए

साडे घर साडे घर आजा अमिए जगन रचाया फेरा पाजा अमिए

सत दीवाना राही अखियाँ विशाईया माँ

वासता आजा हुन मिलन वधाई माँ

बचेया बुलाया आजा आजा अमिए

साडे घर साडे घर आजा अमिए जगन रचाया फेरा पाजा अमिए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।