आओ श्री श्याम तरस गये नैना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ श्री श्याम तरस गये नैना

तरस गए नैना बरस गये नैना

आओ श्री श्याम तरस गये नैना

माया जाल या दुनिया सारी,

साँचो साथी श्याम बिहारी प्रीत की या रीत ने संवारियो भुलावे न ,

आओ श्री श्याम तरस गये नैना

टाबरियां थारा बाट निहारे,

तन मन वारे अर्ज गुजारे सुन के फरयाद म्हाने कालजे लगाओ न

आओ श्री श्याम तरस गये नैना

थारे हाथा की मैं कट पुतली

सारा जीवन भरम में जी ली

सारो खेल रचाए के सांवरियो मुसकावे न

आओ श्री श्याम तरस गये नैना

काशी राम जी ध्यान लगावे,

श्याम मिल्न की राह दिखावे

क्यों श्याम नाम की गंगा माहि डूबकी लगावे न

डुबकी लगावे तू क्यों श्याम ने मनावे न

आओ श्री श्याम तरस गये नैना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।