मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है,

लागे वेमिसाल करे भगतो ने निहाल है

मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है,

पवन बहे माँ चुनड लेहरावे,

उड़ उड़ सबपे मेहर बरसावे,

पल में सारा भगता ने करे माला माल है

करे माला माल करे भगता ने निहाल है

मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है,

माँ ऋ चुनडी अजब नजारों चम चम चमके यु चमके सितारों,

तारा वाली चुनडी रु रंग लाल लाल है

रंग लाल करे भगता ने निहाल है

मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है,

अमर सुहागन रो वर देवे चुनडी

सुना हॉवे आंगन तो भर देवे चुनडी,

अखेया सो लगा लो चुंडी बदल देवे चाल है

बदल देवे चाल करे भगता ने निहाल है

मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है,

आई नवराता माने चुनडी च्डाओ मैया सुदिल की बाता बताओ

बिट्टू मैया जीवन में करे फिर कमाल है

करे फिर कमाल करे भगता ने निहाल है

मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।