इन अंखियो का सवरा नजारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इन अंखियो का सवरा नजारा

नजरे यो श्याम से मिली

ये याहा सारा लगता हमारा

नजरे यो श्याम से मिली

जग की ठोकर दर दर खाई

भटक भटक कर शरण में आई

अब चाहिए न जग का सहारा

नजरे यो श्याम से मिली

अधियारे में कर दिया उजाला

शीश का दानी खाटू वाला

मेरी किस्मत का चमका सितारा

नजरे यो श्याम से मिली

मन दीवले की श्याम ही बाती

श्याम ही गोलू सचा साथी

बिन श्याम के न कुछ भी गवारा

नजरे यो श्याम से मिली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।