देखकर श्रृंगार मां का दिल दीवाना हो गया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

देखकर श्रृंगार मां का दिल दीवाना हो गया,

दिल दीवाना हो गया मेरा दिल दीवाना हो गया ,

देखकर श्रृंगार मां का दिल दीवाना हो गया ,

चांद से मुखड़े पे मां के लाल बिंदिया है लाल बिंदिया है लगी ,

नैनो में कजरा है डाला,दिल दीवाना हो गया,

देखकर श्रृंगार मां का दिल दीवाना हो गया,

सिर पे गोटेदार चूंदड़ी चांद तारो से जड़ी,

नौलखा ये हार पहना दिल दीवाना हो गया,

देखकर श्रृंगार मां का दिल दीवाना हो गया,

हाथ में सोने के कंगन ,लाल चूड़ी हाथ है,

साथ में मेहंदी की लाली दिल दीवाना हो गया,

देखकर श्रृंगार मांका दिल दीवाना हो गया,

Singer---Sachin Nigam बाराबंकी

Mobile--८७५६८२५०७६

Youtube---BHAKTI AASTHA

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।