तेरे दर्श को मैं आई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर्श को मैं आई सुन ले अर्ज मेरी महामाई

दर्द दर्द की मैं ठुकराई सुन ले अर्ज मेरी महामाई

मेरी भूल को बक्शदो माँ मैया मुझको अपना लो

लाखो की तूने सुनवाई सुन ले अर्ज मेरी महामाई

नाम जपे ये जग सारा मैं भी हु किस्मत का मारा

मेरी बन तू है आई सुन ले अर्ज मेरी महामाई

हर पल तेरी महिमा गाऊ,नाम तेरा मैं ज्पवाऊ,

सुनील की ना हो रुसवाई

सुन ले अर्ज मेरी महामाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।