दुनिया के दुखियो पर यो प्यार लुटाती है.

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जो प्यार लुटाती है

दुनिया के दुखियो पर यो प्यार लुटाती है.

वो अष्टबुजा वाली जगदम्बे दाती है

दुनिया के दुखियो पर यो प्यार लुटाती है.

ना इस की रेहमत का दुनिया में सानी है,

आंधी तूफानों में ये ज्योत जलाती है

दुनिया के दुखियो पर यो प्यार लुटाती है.

दरिया दिल माँ जैसा देखा न सुना कोई

किस्मत के मारो का ये साथ निभाती है

दुनिया के दुखियो पर यो प्यार लुटाती है.

पैदा होते दानव जब चंड मुंड जैसे

तो रूप बदल कर के काली बन जाती है

दुनिया के दुखियो पर यो प्यार लुटाती है.

कहे राज अनाडी माँ माँ भूखी भूखी है

भगतो की विनती सुन दोडी चली आती है

दुनिया के दुखियो पर यो प्यार लुटाती है.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।