माई के दीवाने जबलपुर वाले

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

माई के दीवाने जबलपुर वाले रेवा माई के

हे मोरी माई के दीवाने जबलपुर वाले रेवा माई के

भु़ंनसारे से दर्शन,खो आवे

दर्शन को आवे और डुबकी लगावे

राम राम धुन सांझ, सकारे मोरी माई के------

निर्धन और धनवान है आवे

घाट घाट भंडारे करावे

गुंजे हर हर नर्मदे जय कारे मोरी

माई के----------

माई नर्मदा में मेला लगत है

दूर-दूर से आवे भगत हैं

कर दर्शन से ,वारे न्यारे मोरी माई के----------

मक्ररवाहिनी है महारानी

जय जगतारण है, महारानी

कर दर्शन मां हर,जन तारे मोरी माई ने-----------

उमा घाट में होवे आरती

भक्तजनों को मां है, तारती

राजदीप मां भजन दुआरे मोरी माई के-------

है 'मोरी माई के दीवाने----

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।