थम गया ये जहाँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

थम गया ये जहाँ , माँ तुम हो कहाँ

है परेशान इंसा , देखो कितना यहाँ

अब जरूरत पड़ी , आओ मैया यहाँ

तेरी कृपा से हो , फिर खुशी का शमा

थम गया ये जहाँ....

जहाँ खुशियां थी कल जहाँ , है वहाँ छाया गम

करदो हमपर भी मैया जी , रहमो करम करदो रहमो करम

कितने निर्दोष माँ , बैठे जॉ को गंवा

तेरी कृपा से हो , फिर खुशी का शमा

थम गया ये जहाँ....

शेरावाली ओ माँ , करो अब मेंहर

जग से नष्ट करो ,छाया ये जो कहर

खिल उठे फिर से माँ , हिन्द का बागवाँ

तेरी कृपा से हो , फिर खुशी का शमा

थम गया ये जहाँ....

अपने बच्चो की माँ , अब तो लेलो खबर

तेरे होते क्यो भटके माँ , हम दर बदर

भटके हम दर बदर

देव " दिलबर " का माँ ,

अब ना लो इम्तिहाँ तेरी कृपा से हो ,

फिर खुशी का शमा थम गया ये जहाँ....

✍️ रचनाकार ✍️

दिलीप सिंह सिसोदिया

❤️ दिलबर ❤️

नागदा जक्शन म.प्र .

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।