मेरे नौ दिन हुए है बहार के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरे नौ दिन हुए है बहार के

मां शेरावाली आई मेरे द्वार पे

पहले दूजे दिन मैया मोय ऐसे लगे

जैसे घर में जच्चा बच्चा आ गए

तिजे चौथे दिन मैया मोय ऐसे लगे

जैसे घर में खुशी आनन्द छा गये

पांचवे छठवें दिन मैया मोय ऐसे लगे

जैसे घर में शंख शहनाई बज गए

सातवें आठवें दिन मैया मोय ऐसे लगे

जैसे घर में मेरे भंडारे सब भर गए

तेरे नवे दिन मैया मोय ऐसा लगे

जैसे घर मे देव रिद्धि सिद्धि दे गए

मेरे नौ दिन हुए है बहार के

मां शेरावाली आई मेरे द्वार पे

रचियता ~नीलम अग्रवाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।