क्यों आज पड़ गये है तेरे जुबा पे ताले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्यों आज पड़ गये है तेरे जुबा पे ताले

मैं तुझसे पूछता हु दुनिया बनाने वाले,

कसे धर्म के शिकंजे रोटी कुरान गीता,

अब राम के ही हाथो छली जा रही है सीता ,

वो घर के चिरागों ने घर अपने फुक ढाले

मैं तुझसे पूछता हु दुनिया बनाने वाले,

दो दिन की जिन्दगी है उचे ख्याल अपने

पल की खबर नही है सो साल के है सपने

रूठी सी जिन्दगी है कैसे इन्हें मना ले

मैं तुझसे पूछता हु दुनिया बनाने वाले,

नफरत के आसिए पर नंगा सा नाच क्यों है

सचाइयो पे परदे अब सच को आच क्यों है

रिश्ते हुए है भोजिल कैसे कोई निभा ले

मैं तुझसे पूछता हु दुनिया बनाने वाले,

इंसानियत के पथ पर खतरे हजार होंगे

याहा कत्लेआम होगा घर घर मजार होंगे

दो धीर आस्तीन में यु नाग हम ने पाले

मैं तुझसे पूछता हु दुनिया बनाने वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।