गली गली में गूंजता माँ तेरा जैकारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

गली गली में गूंजता माँ तेरा जैकारा

जब जब आये तेरे नवराते झूम उठे जग सारा,

गली गली में गूंजता माँ तेरा जेकरा

उचे पर्वत पे तेरा सुंदर भवन नुरानी,

भगतो के मेले लगे दुनिया तेरी दीवानी

जग मग ज्योत जगे दिन रैना

दूर करे अंधियारा

गली गली में गूंजता माँ तेरा जेकरा

तेरे नाम की महिमा जो श्रधा से गाये

दुःख संकट दुविद्या कोई राहो में न आये

मिट जाए अधियारे पद के हो जाए उजियारा

गली गली में गूंजता माँ तेरा जेकरा

भर्ती सब की झोलियाँ भाटे तू सोगाते

अपने भगतो पे करे करुना की बरसाते,

केवल तेरी शरण में आया छोड़ के आलम सारा

गली गली में गूंजता माँ तेरा जेकरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।