गुरु के बिना क्या जीवन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुरु के बिना क्या जीवन, गुरु तो देते है ज्ञान,

जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान,

जनम लेते ही बनते गुरु, अपने माता पिता,

शिक्षा लेने जहा भी जाओ, गुरु बनते माता पिता,

जहाँ भी जाओ जो करो, गुरु को दे दो मान,

जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान,

अंधेरे में क्यो भटक रहे हो, ले लो गुरु का सहारा,

रोशनी तुम्हे मिल जाएगी, मिले जीने का सहारा,

गुरु ईश्वर गुरु देवता, गुरु स्वयं घनश्याम,

जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान,

गगन में जितना ऊँचा उड़ो, धरती में ही आना,

विज्ञान के इस युग में भी, गुरु को सबने माना,

दिन दयाल कहे गुरु साथी, गुरु को अपना मान,

जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान,

गुरु के बिना क्या जीवन, गुरु तो देते है ज्ञान,

जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।