नाचेगे हम सब जगराते में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैया बुलाले नवराते में नवराते में,

नाचे गे हम सब जगराते में

माँ की मूरत वस् गई आँखों में,

नाचेगे हम सब जगराते में

परदेसी हु पर बुला न पाऊ

माँ के दर जाना तो मैं भी चाहू

बालक समज माँ मुझे डांट दे संदेसा ये ओरो को बाँट दे

चिठ्ठी लगी अब के हाथो में

नाचेगे हम सब जगराते में

चडाई चडते भगत गाने लगे दर्शन के ये सब दीवाने लगे

चुनडी मंगवाई है जयपुर से

इस को चड़ाएगे माँ के दर पे

पावन अवसर लग गया हाथो में

नाचेगे हम सब जगराते में

मंदिर में घुस के दिल ये कहे सिर मेरा माँ के चरणों में रहे

एसी ममता न पाई कही मन करता सुनील रह जाऊ यही

मैया के इस नवराते में

नाचेगे हम सब जगराते में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।