म्हाने थारी याद सातवे मावडी

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बिन माँ कौन लाड लडावे आखेया आंसू लुढ़कावे

म्हाने थारी याद सातवे मावडी,

बेठो बेठो कालजो यो भर भर आवे,

था बिन कौन सिर पे म्हारे हाथ फिरावे,

थारी गोदेया में सो लाया दिल री थाणे बाता बोलेया

मनडो भी ठंडक पावे मावडी,

म्हाने थारी याद सातवे मावडी,

आइयाँ कइयां रुशेया माँ सु हो या कहियां दूर माँ

कौन सा दर खोजू थाणे हु माँ मजबूर माँ रास्तो माँ जानू को नि

क्या न पहचानू को नी दिल भी गबरावे म्हारो मावडी,

म्हाने थारी याद सातवे मावडी,

आख्या के आगे राखा थारी तस्वीर माँ,

रोता रोता बोल देवा कालजरे री पीड माँ

हिवडे लगा लो म्हाने कने बिठा ले म्हाने

बिट्टू पे मेहर करे एह मावडी,

म्हाने थारी याद सातवे मावडी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।