चल भगता चल माँ के द्वारे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चल भगता नवरातो में चल माँ के द्वारे

दर्शन करके हो जायेगे वारे न्यारे

चल भगता नवरातो में चल माँ के द्वारे

चोबीस घंटे उस के दर पे मेला मौज बहारो का

आना जाना लगा रहे मैया के भगत प्यारो का

चल करले अब तयारी तू मत चूकना,

अब की बारी तू तर जाते वाहा जाके सब किस्मत के मारे

चल भगता नवरातो में माँ के द्वारे

दर पे आये भगतो की झट अर्जी माँ मंजुर करे,

देख सके न दुःख भगतो का कष्टतो को वो दूर करे

कोई खाली कभी न लौटा है वाहा काम सभी का होता है

मेरी शेरावाली मैया सब के भाग सवारे

चल भगता नवरातो में माँ के द्वारे

परवाना पे किरपा करती तुम पे हो जायेगी

सचे मन से पूज मैया को तेरी बिगडी बात बनाएगी

वो जो मेरी माँ का मंदिर है जन्नत से भी सुंदर है

हर लेंगी अवतार तेरे वो दुखड़े सारे

चल भगता नवरातो में माँ के द्वारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।