आयी है नवरात्रो की बहार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आयी है नवरात्रो की बहार नाचो रे सब झूम झूम के

नाचो रे सब झूम झूम के

माँ का प्यारा सजा है दरबार

नाचो रे सब झूम झूम के

भगतो के दुःख हरने आज माँ भगतो के घर आई,

साथ में हनुमंत वीर और भैरव संग में लाइ

होके आई है माँ शेर पे सवार

नाचो रे सब झूम झूम के

लाल ही चोला लाल है चुनरियाँ चुडा लाल है साजे

कानो में कुंडल माथे पे बिंदियाँ पाओ पैजनियाँ बाजे

माँ करके बैठी है सोला शिंगार

नाचो रे सब झूम झूम के

सब के ही काज सवारेगी मैया सब के बेड़े तारे गी

भर देगी खुशियों से झोली सोये भाग जगा देगी

माँ ने खोले है दया के भंडार नाचो रे सब झूम झूम के

अब के नोराते माँ से भगतो मन चाहा फल पा लो

भरेगी झोली मैया मोरी श्रधा से माँ को मना लो

माँ प्रीत भगतो से करती अपार

नाचो रे सब झूम झूम के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।