मेरे मन की फसी पतंग किशोरी तेरे महलन में

पं यशोदाननदन जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मन की फसी पतंग किशोरी तेरे महलन में

मुझे रख लो अपने संग किशोरी तेरे महलन में

इस दुनिया से थक चुकी हूं

तेरे महलन में फंस चुकी हूं

उड- उड जग में थक सी गई हूं

आई सबसे होके तंग किशोरी तेरे महलन में

मुझे रख लो अपने संग किशोरी तेरे महलन में

मेरे मन की फसी पतंग किशोरी तेरे महलन में

मनचाहा मुझे सब ने उड़ाया

मनचाहा मेरा पेच लडाया

मुझे रंगलो अपने रंग किशोरी तेरे महलन में

मेरे मन की फसी पतंग किशोरी तेरे महलन में

स्वर-पं यशोदाननदन जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।