जय माँ जय माँ बोल तू तर जाएगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माँ जय माँ बोल तू तर जाएगा

जब दर मैया के जाएगा जब माँ के दर्शन पायेगा

जय माँ जय माँ बोल तू तर जाएगा

ना कर भगता इतना सोच विचार

माँ का नाम लगाये भव से पार

तू नाम ले सुबह शाम ले माँ के चरणों को थाम ले फिर भव सागर तर जाएगा

जय माँ जय माँ बोल तू तर जाएगा

माँ बच्चो की सुनती है हर बात

करती है पूरी भगतो की आस

तू मना के देख दर जा के देख

तू दिल का हाल सुना के देख खाली झोली भर लाये गा

जय माँ जय माँ बोल तू तर जाएगा

जब जुड़ जाए माँ से दिल की तार सारा जग लगता है फिर बेकार

तू आस रख विस्वाश रख माँ के दर्शन की प्यास रख फिर माँ का दर्शन पायेगा

जय माँ जय माँ बोल तू तर जाएगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।