करदो कृपा माँ झंडियावाली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

करदो कृपा माँ झंडेयावाली

मैं आया तेरे द्वार पे

झोलियाँ भर दो संकट हरदो

अपने चरणों का प्यार दे

करदो कृपा माँ झंडेयावाली

झंडेवाली मैया तेरी शान निराली है

तू ही मेरी आंबे तू ही माँ मेहरोवाली है

झूल रहे है तेरे दर पे झंडे

मेरी बिगड़ी आज सवार दे

करदो कृपा माँ झंडेयावाली

भवनों पे लगी है कतारे मेहरो वालिये,

देखे नही कही ये नजारे शेरोवालिये

गूंज रहे है मंदिरों में जयकारे मेरे सारे कष्ट निवार दे

करदो कृपा माँ झंडेयावाली

आये नवराते तेरे मैया झंडेवालिये मेहरा दे खोलदे खजाने मेहरा वालिये

मानक तेरे दर ते आया उसे खुशियाँ वेशुमार दे

करदो कृपा माँ झंडेयावाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।