हरो दुख सारे माता रानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं आयी ड्योढ़ी में माता रानी, हरो दुःख सारे माता रानी

हरो दुख सारे माता रानी

दीप जलाऊं, फूल चढ़ाऊँ, नवरातों में भोज कराऊँ

कुमारी बन आये माता रानी

मैं आयी ड्योढ़ी में......

निर्धन को धन बांझ ललना पुकारे, तेरे नाम के उगें हैं जवारे

देदो वर कन्या को माता रानी

मैं आयी ड्योढ़ी में......

शारदा रूप है मैहर अंचल, अमर कर दियो आल्हा इंदल

जो हारे नही रण में माता रानी

मैं आयी ड्योढ़ी में......

विंध्य वासिनी विंध्याचल में,वैष्णव रूप रमे कटरा में

भैरव हने छण में माता रानी

मैं आयी ड्योढ़ी में.....

मुम्बा जी का मुखड़ा प्यारा,कामख्या में रूप है न्यारा

कटै जहां महिषा माता रानी

मैं आयी ड्योढ़ी में ......

कलकत्ते में काली माता, मीनाक्षी हैं भाग्य विधाता ।

पूजै नर ज्ञानी माता रानी

मैं आयी ड्योढ़ी में माता रानी, हरो दुख सारे माता रानी

Singer - Shiva Tripathi & Janhavi Vishwakarma

Lyrics - Udaybhan Tripathi

Music- Ajay vishwakarma

Creations - Chitrakoot Music Production

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।