टुकर टुकर देखे माँ नैना मेरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

टुकर टुकर देखे माँ नैना मेरे तेरे पिंडियो को माँ तेरे पिंडियो को

देख देख रातेमाँ गुजर ती गई

तेरी पिंडियो को माँ तेरी पिंडियो को

टुकर टुकर देखे माँ नैना.....

बड़ी दूर से मैं तेरे द्वार आई

तेरी तीन पिंडियाँ माँ मन को लुभाई

इक बार देखा तो देखते रहे

तेरी पिंडियो को माँ तेरी पिंडियो को

टुकर टुकर देखे माँ नैना.....

तीन रूप माँ तेरे है सब चरणों से बेहते है गंगा के धारे,

खड़ी तेरे सन्मुख हम ताक ते रहे

तेरी पिंडियो को माँ तेरी पिंडियो को

टुकर टुकर देखे माँ नैना.....

योगी माँ के चरणों की बात है निराली गुफा में विराजी है माँ शेरोवाली,तीन दिशा पर्वत है घेरे खड़े

तेरी पिंडियो को माँ तेरी पिंडियो को

टुकर टुकर देखे माँ नैना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।