जबलपुर वाली काली माई

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जबलपुर वाली जबलपुर वाली लागे सुहानी

जय मैया काली

ये मैया काली ये मैया काली,

जबलपुर वाली जबलपुर वाली लागे सुहानी

अरे घनपाठक की रे महाकाली

ये काली धाम वाली

लागे सुहानी जय मैया काली

प्डायो में बैठी रे महरानी,

ये काली मतवाली लागे सुहानी जय मैया काली

सद्र में बैठी रे महाकाली,

घना की महाकाली लागे सुहानी जय मैया काली

मेडिकल में बैठी चामुंडा काली,

ये कांच घर वाली लागे सुहानी जय मैया काली

रांची में विराजी मन्नत वाली

पन्हाघर वाली पनाघर वाली

लागे सुहानी जय मैया काली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।